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27 साल पहले पड़ोसी ने किया था युवक का अपहरण, अब तहखाने से मिला जिंदा, जानें क्या है पूरा मामला

अल्जीरिया में 27 साल पहले अचानक गायब हुआ एक युवक जिंदा मिल गया. जब ये युवक गायब हुआ तब उसकी उम्र 17 साल थी लेकिन अब वह 44 साल का हो चुका है. हैरानी की बात ये है कि उमर बिन ओमरान का ये शख्स अपने ही पड़ोसी के तहखाने में मिला.

Updated on: 25 May 2024, 02:00 PM

New Delhi:

दुनियाभर में कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती है, जिनपर यकीन कर पाना बेहद मुश्लिक होता है. ऐसा ही एक मामला अल्जीरिया से सामने आया है. जहां एक 27 साल पहले अचानक गायब हुआ लड़का पड़ोसी के तहखाने में जिंदा मिला. जब ये लड़का गायब हुआ तब उसकी उम्र मात्र 17 साल थी जो अब 44 साल का हो चुका है. दरअसल, साल 1998 में जब ये लड़का गायब हो गया तो पुलिस ने इसकी खूब तलाश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. कई साल बीत जाने के बाद परिवार ने भी बेटे के जिंदा होने की आस छोड़ दी और उसे मरा समझ लिया. लेकिन 27 साल बाद अचानक से उस लड़के के जिंदा होने की खबर से जहां पूरा परिवार खुश हुआ तो वहीं उससे ज्यादा हैरानी भी हुई.

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल, साल 1998 में अल्जीरिया के जेल्फा में उमर बिन ओमरान नाम का एक लड़का अचानक से गायब हो गया. जब वह गायब हुआ तब उसकी उम्र 17 साल थी. इसके बाद परिवार ने युवक के गायब और अपहरण की पुलिस में शिकायत की. उसके बाद पुलिस ने भी युवक की बहुत खोजबीन की. लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद पुलिस के साथ -साथ परिवार ने भी उसके जिंदा रहने की उम्मीद छोड़ दी. हालांकि इसने साल बाद उसके जिंदा होने की खबर मिली तो पूरा परिवार खुशी के साथ हैरान भी था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अधेड़ हो चुका वह शख्स हाल ही में अपने पड़ोसी के तहखाने में जिंदा मिला. हैरानी की बात तो ये है उस पड़ोसी का घर उसके घर से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है. लेकिन करीब तीन दशक बाद भी उसके बारे में परिवार या किसी अन्य को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. 

दरअसल, जब उमर बिन ओमरान गायब हुआ तब अल्जीरिया में गृह युद्ध की आग में जल रहा था. चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था. इसलिए काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुगान नहीं मिला. इसीलिए उसके परिवार को लगा कि वह शायद गृह युद्ध में मारा गया होगा. ऐसा माना जाता है कि अल्जीरिया में गृह युद्ध के दौरान करीब दो लाख लोग मारे गए थे. जबकि करीब 20 हजार लोगों का अपहरण कर लिया गया था.

कैसे हुआ मामले का खुलासा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काफी समय तक युवक की तलाश के बाद पुलिस ने अपना अभियान बंद कर दिया. हालांकि ओमरान की मां को उम्मीद थी कि उसका बेटा अभी भी जिंदा है, हालांकि साल 2013 में उसकी मां की मौत हो गई. अब परिवार में ऐसा कोई भी नहीं बचा जिसे उम्मीद थी कि उमर अभी भी जिंदा है, लेकिन हाल ही में उमर के एक पड़ोसी के भाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल दी, जिसमें उसने दावा किया कि उसका भाई उमर के अपहरण में शामिल था. दरअसल, उसने अपने भाई के खिलाफ ये पोस्ट इसलिए डाली थी क्योंकि दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था, इसलिए उसने अपने भाई की पोल खोल दी, जिससे उसका भाई गिरफ्तार हो जाए और संपत्ति पर वह कब्जा कर ले.

पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा

जब उमर के परिवार ने इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर देखा तो तुरंत पुलिस से संपर्क किया. उसके बाद पुलिस ने उस पड़ोसी की तलाश की. तलाशी के दौरान पुलिस ने उमर को तहखाने में एक छोटे से सेल के अंदर बंद पाया. रिपोर्ट्स में कहा गया कि पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे धर दबोचा. डॉक्टरों में बताया कि कई साल तक सेल के बंद होने की वजह से उमर शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो चुका था. हालांकि उसने पुलिस ये जरूर बताया कि वज अपने परिवार के लोगों को वहां से गुजरते अक्सर देखता था लेकिन मदद के लिए उन्हें आवाज नहीं दे पाता था.