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Baglamukhi Jayanti: आज है बगलामुखी जयंती, जानें इसका महत्व और पूजा विधि 

Baglamukhi Jayanti: मां बगलामुखी की पूजा करने से ऐसी सिद्धियां प्राप्त होती हैं जिससे ना सिर्फ आपकी कोई भी मनोकामना पूर्ण होती है बल्कि शत्रुओं पर विजय, वशीकरण जैसी महापूजा भी की जाती है. आज बगलामुखी जयंती पर इसका महत्व और पूजा की सही विधि जानते हैं.

Updated on: 15 May 2024, 10:03 AM

New Delhi :

Baglamukhi Jayanti: बगलामुखी जयंती, जिसे वाक् सिद्धि जयंती और पंचमी तिथि के नाम से भी जाना जाता है, देवी बगलामुखी की जयंती का पावन अवसर है. यह जयंती हर साल शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. इस वर्ष बगलामुखी जयंती आज 15 मई, 2024 को मनाई जा रही है. देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या हैं. इनकी पूजा वाक् शक्ति, वशीकरण, शत्रु विजय, विवादों में सफलता, मनोकामना पूर्ति और कानूनी मामलों में विजय प्राप्ति के लिए की जाती है.

बगलामुखी जयंती का महत्व

बगलामुखी जयंती के दिन देवी बगलामुखी की पूजा करने से वाणी में शक्ति प्राप्त होती है. जिसके कारण व्यक्ति प्रभावशाली ढंग से बोल पाता है और अपनी बातों को दूसरों तक प्रभावशाली ढंग से पहुंचा पाता है. यह माना जाता है कि बगलामुखी जयंती के दिन देवी बगलामुखी की पूजा करने से वशीकरण शक्ति प्राप्त होती है. जिसके द्वारा व्यक्ति किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर सकता है और उसे अपने वश में कर सकता है. इस दिन देवी बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. जिसके कारण व्यक्ति अपने जीवन में आने वाले सभी प्रकार के शत्रुओं से मुक्ति प्राप्त कर सकता है.

ऐसा भी माना जाता है कि बगलामुखी जयंती के दिन देवी बगलामुखी की पूजा करने से विवादों में सफलता प्राप्त होती है. जिसके कारण व्यक्ति अपने जीवन में आने वाले सभी प्रकार के विवादों को जीत सकता है. इनकी पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जिसके कारण व्यक्ति अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकता है. कानूनी मामलों में भी विजय प्राप्त होती है. जिसके कारण व्यक्ति अपने जीवन में आने वाले सभी प्रकार के कानूनी मामलों को जीत सकता है. 

बगलामुखी जयंती के दिन पूजा विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान को स्वच्छ करें और देवी बगलामुखी की प्रतिमा या यंत्र स्थापित करें. देवी बगलामुखी को फल, फूल, मिठाई और धूप-दीप अर्पित करें. देवी बगलामुखी के मंत्र का जाप करें. "ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं बगलामुखी देव नमः" यह मंत्र बगलामुखी जयंती के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें. 

इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें. मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज का सेवन न करें. ब्रह्मचर्य का पालन करें और आज दान-पुण्य करें.

बगलामुखी जयंती का पावन अवसर देवी बगलामुखी की कृपा प्राप्त करने और अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने का उत्तम अवसर है.  इस दिन देवी बगलामुखी की पूजा करके आप अपनी सभी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं. उन्हें वाक् शक्ति, वशीकरण और सम्मोहन की देवी माना जाता है.  मां बगलामुखी की पूजा करने से भक्तों को शत्रुओं पर विजय, वाद-विवाद में सफलता, मनोकामना पूर्ति और मोक्ष प्राप्त होता है. पूजा विधि का पालन ध्यानपूर्वक करें. मन शुद्ध रखकर पूजा करें और विश्वास रखें कि मां बगलामुखी आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करेंगी. बगलामुखी जयंती की शुभकामनाएं.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)