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लोकसभा चुनाव

Explainer: गाड़ी पर घुमाया, अस्तबल भी दिखाया... PM मोदी-पुतिन के बीच दिखी शानदार केमिस्ट्री, क्या मायने?

PM नरेंद्र मोदी रूस की यात्रा पर हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने PM मोदी को प्राइवेट डिनर दिया. पुतिन ने मोदी को अपनी पंसदीदा चीजें दिखाईं. दोनों दोस्तों के बीच दिखी शानदार केमिस्ट्री के क्या मायने हैं.

Updated on: 09 Jul 2024, 07:03 PM

New Delhi:

PM Modi Russia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस की यात्रा पर हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को प्राइवेट डिनर दिया. दोनों नेताओं के बीच दोस्ती वाले अंदाज में बातचीत हुई. पुतिन ने मोदी को अपनी पंसदीदा चीजें दिखाईं. पुतिन ने मोदी को गाड़ी पर घुमाया और अपने पसंदीदा घोड़ों को अस्तबल में भी लेकर गए. इस दौरान उनके बीच दिखी गर्मजोशी को दुनिया ने देखा. दोनों नेताओं की ये मुलाकात भारत-रूस के मजबूत होते संबंधों की गवाही दे रही है.

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपने घर पर जिस अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया, उससे दोनों नेताओं की केमिस्ट्री भी देखने को मिली. दोनों दोस्तों के बीच दिखी इस शानदार केमिस्ट्री के क्या मायने हैं और भारत-रूस रिश्तों के लिहाज से मोदी का दौरा कितना अहम है. आइए जानते हैं.

पीएम मोदी और प्रेसिडेंट पुतिन इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट में सवार हुए और सैर पर निकले. राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को दोस्त की तरह अपने गार्डन में भी सैर कराई.

पुतिन ने मोदी को अपना अस्तबल दिखाया, यहां दोनों विश्व नेता घोड़ों को सहलाते नजर आए. पुतिन जब मोदी को अपने अस्तबल में लेकर गए उसी दौरान घोड़ों पर सवार महिला सिक्योरिटी के हाथ में दोनों देशों का झंडा था. घुड़सवारी को लेकर पुतिन का खासा लगाव कई बार देखा गया है, इसीलिए अपने खास दोस्त मोदी को पुतिन ने अपने पंसदीदा घोड़े दिखाए. 

पुतिन के बारे में कहा जाता है कि वो हफ्ते में कम से कम दो दिन घुड़सवारी जरूर करते हैं. ये सब वो अपनी फिटनेस मेंटेन करने के लिए करते हैं. पीएम मोदी के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन के इस शौक की झलक देखने को मिली.

मोदी-पुतिन के बीच क्या हुई बातचीत?

लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने अपने द्विपक्षीय विदेश दौरे के लिए रूस को चुना जो भारत का पुराना और भरोसेमंद दोस्त रहा है. मॉस्को में पीएम मोदी का शानदार स्वागत हुआ, मोदी के कार से उतरने से पहले पुतिन स्वागत के लिए खड़े रहते हैं, मोदी के आते ही दोनों हाथ मिलाते हैं और गले मिलते हैं. कुछ देर बाद मुस्कुराते हुए दोनों नेता अंदर जाते हैं और बातचीत का सिलसिला शुरू होता है.

राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी को प्रिय मित्र कहकर संबोधित किया और घर आने पर खुशी जताई. उन्होंने कहा, 'प्रिय मित्र, आपका हार्दिक स्वागत है. आपको देखकर बहुत खुशी हो रही है. पुतिन की ओर से किए गए इस स्वागत पर मोदी भी उत्साहित नजर आए और उन्होंने रूस के राष्ट्रपति का आभार जताया. पीएम मोदी ने कहा कि, 'आपने मुझे अपने घर पर बुलाया. आज की शाम हम साथ में गप्प मारे, इसलिए आपने ये तय किया. अपने घर पर बुलाने के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं.'

पुतिन ने मोदी को बताया ऊर्जावान

दो दोस्तों की आपसी बातचीत यहीं नहीं रूकी. पुतिन ने मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी. साथ ही भारत की तरक्की में मोदी के योगदान की भी सराहना की. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, 'मैं आपको एक बार फिर प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई देता हूं. मुझे नहीं लगता है कि ये कोई आकस्मिक जीत है, बल्कि आपके कई वर्षों के कामों का परिणाम है, आपके अपने विचार हैं. आप बहुत ऊर्जावान व्यक्ति हैं. भारत और भारतीय लोगों के हित में नतीजे देने में सक्षम हैं चुनाव के रिजल्ट से ये साफ हो गया है. पुतिन ने दिल खोलकर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की. इसके बाद मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती और मजबूती का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, 'आपकी बात सही है भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी है. चुनाव में करीब 65 करोड़ लोगों ने मतदान किया.'

मोदी की मॉस्को यात्रा कितनी अहम?

ये मुलाकात दो राष्ट्राध्यक्षों से ज्यादा दो दोस्तों के बीच हो रही थी, जियो पॉलिटिक्स के लिहाज से इसके मायने भी बेहद अहम हैं. भारत और रूस के रिश्ते हमेशा मजबूत रहे हैं मगर मोदी और पुतिन के दौर में ये रिश्ता नए आयाम छू रहा है. दोनों देश एक दूसरे का खुलकर समर्थन करते हैं. दोनों देशों के बीच डिफेंस डील तो है ही इसके अलावा एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स से लेकर तेल, फर्टिलाइजर्स तक का भी आयात निर्यात होता है. 2023-2024 में भारत और रूस के द्विपक्षीय व्यापार में इजाफा देखने को मिला है. दोनों देशों के बीच करीब 65 अरब डॉलर का व्यापार हुआ.

भारतीयों की जल्द ही सुरक्षित वापसी होगी

मोदी की इस यात्रा के बाद व्यापार समेत आपसी रिश्तों में और भी मजबूती आने की उम्मीद है. मोदी और पुतिन के बीच केमिस्ट्री कितनी मजबूत है उसका एक और उदाहरण इस मुलाकात में देखने को मिला. सूत्रों के मुताबिक यूक्रेन जंग के लिए रूस की सेना में शामिल किए गए भारतीयों की जल्द ही सुरक्षित वापसी होगी. बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने ये मुद्दा उठाया था, इसके बाद भारतीय सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूस की सेना में फिलहाल 30 से 40 भारतीय सेवा दे रहे हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद मोदी की ये पहली मास्को यात्रा है इससे पहले दोनों नेताओं के बीच समरकंद में सितंबर 2022 में मुलाकात हुई थी. तब भी पीएम मोदी ने पुतिन के सामने युद्ध खत्म करने की बात रखी थी. पीएम मोदी ने तब कहा था कि, 'आज का युग युद्ध का नहीं है.' पुतिन और मोदी हमेशा गर्मजोशी से मिलते हैं और दोनों हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा भी करते हैं. रूस और यूक्रेन के बीच जब जंग छिड़ी थी तब मोदी के कहने पर ही पुतिन और जेलेंस्की ने कुछ देर के लिए जंग रोकी, जिससे भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया था. पीएम मोदी के इस दौरे से दोनों देशों के बीच दोस्ती का नया अध्याय शुरू हो रहा है, जो न सिर्फ भारत और रूस के आपसी संबंधों को बुलंदियों पर ले जाएगा, बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भी काफी अहम है.