logo-image
लोकसभा चुनाव

तो क्या छत्तीसगढ़ से खत्म हो रहा 'लाल आतंक' ? आंकड़े तो इसी ओर कर रहे इशारे

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद से नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है...अब तक 103 नक्सलीयो को मारा जा चुका है...यह अभीयान आगे भी ऐसे ही जारी रहेगा...क्योकि छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री कह रहे है कि छत्तीसगढ़ से काला साया खत्म करके ही मानेंगे.

Updated on: 11 May 2024, 05:56 PM

नई दिल्ली:

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों ने चारों तरफ से मोर्चा खोल कर रखा है. यही कारण है कि बस्तर संभाग के लगभग सभी जिलों में नक्सली एनकाउंटर हो रहे हैं. पिछले करीब 130 दिनों से प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में नक्सलियों को घेर कर मारने की लगातार खबरें आ रही है. सबसे बड़ी खबर कांकेर जिले के पखांजूर इलाके में छोटे बेठियां इलाके से 29 नक्सलियों को मार गिराया गया. कहा जा रहा है कि कांकेर जिले में नक्सलियों के खिलाफ हुआ यह एनकाउंटर छत्तीसगढ़ में माओवादियों का अब तक का सबसे बड़ा एनकाउंटर रहा है.उसके बाद सुकमा दंतेवाड़ा और बीजापुर में नक्सलियों के मारे जाने की लगातार खबरें सामने आई है.

पिछले 40 दिनों में 4 बड़े एनकाउंटर

- 2 अप्रैल को बीजापुर जिले के कोरचोली में हुई मुठभेड़ में 13 नक्सली मारे गए. यह उस समय नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा ऑपरेशन था.

- 16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए....इन पर कुल 1 करोड़ 78 लाख का इनाम था...

30 अप्रैल को नारायणपुर जिले में अबूझमाड़ के टेकामेटा में फोर्स ने 10 नक्सली मारे...इन पर कुल 63 लाख रुपए का इनाम था...

- 10 मई को बीजापुर-सुकमा दंतेवाड़ा सीमा पर पीडिया इलाके में मुठभेड़ हुई। इसमें सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया...

दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में संयुक्त ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ के अलग अलग इलाकों में कब कहाँ कैसे नक्सलीयों को मारा गया. आपको विस्तार से बताते है. बीजापुर जिले में 10 मई को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है. शुक्रवार देर शाम सभी के शव भी बरामद कर लिए गए हैं. मुठभेड़ के बाद मौके से BGL, बंदूक, नक्सल वर्दी, पिठू, दवाइयां, और विस्फोटक मिले हैं. वहीं, मुठभेड़ में STF और DRG के दो जवान भी घायल हुए हैं. इस साल जनवरी से अब तक 131 दिन में जवानों ने 103 नक्सली ढेर किए हैं. जानकारी के मुताबिक, हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा, पापाराव समेत बड़े लीडर्स का गंगालूर के पीडिया में जमावड़े की सूचना मिली थी. इसके बाद दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा तीन जिलों से फोर्स ने जॉइंट ऑपरेशन लॉन्च किया था. सुबह से ही DRG, STF CRPF की कोबरा बटालियन समेत फोर्स के 1200 से ज्यादा जवानों ने इलाके को घेर रखा था...

जनवरी से मई तक में 100 नक्सलियों का खात्मा

प्रदेश में इस साल जनवरी से अब तक बस्तर में हुई मुठभेड़ में जवानों ने 100 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया है. कांकेर और नारायणपुर मुठभेड़ के अलावा 6 अप्रैल को CG-तेलंगाना राज्य की सीमा पर मुठभेड़ हुई थी. इन तीनों मुठभेड़ों में कुल 42 नक्सली मारे गए थे. वहीं, 2 अप्रैल को बीजापुर के करचोली में हुई मुठभेड़ में 13 नक्सली मारे गए. 5 अप्रैल को दंतेवाड़ा में हुए एनकाउंटर में 1 नक्सली ढेर हुआ था. पश्चिम बस्तर डिवीजन का कमांडर है पापाराव पीडिया के मुठभेड़ में शामिल पश्चिम बस्तर डिवीजन का कमांडर नक्सली पापाराव जो दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का मेंबर है. इस पर करीब 40 लाख रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है. करीब 2 लेयर की सुरक्षा में रहता है. बस्तर में हुई मुठभेड़ों का मास्टरमाइंड है. समय-समय पर यह अपना ठिकाना बदलता रहता है. .इसको भी मार गिराया गया..

इधर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 16 अप्रैल को पुलिस और नक्सलियों के बीच करीब साढ़े 5 घंटे तक मुठभेड़ हुई. DRG और BSF के जवानों ने माओवादियों के ठिकाने में घुसकर उनके 29 नक्सलियों को मार गिराया. मुठभेड़ के वक्त नक्सली दोपहर का खाना खाकर बेफिक्र होकर बैठे थे. इनका कमांडर शंकर राव मीटिंग लेने की तैयारी कर रहा था.करीब 250 से 300 मीटर तक जवान उनके करीब पहुंच गए थे. इसके बाद मौका मिलते ही हमला कर दिया गया. इस मुठभेड़ का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कुछ जवान पोजीशन लेते हुए नजर आ रहे हैं. फायर करते हुए आगे भी बढ़ रहे हैं...जिस जवान ने वीडियो बनाया, वह कह रहा है कि 'एकदम आगे नहीं. आड़ लेते हुए. पीछे वाले फायर मत करना..ज्यादा नजदीक मत जाओ.

130 दिनों सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी

अब तक हुई नक्सलीयो कि कार्रवाई के बाद भी माना जा रहा है कि आगे भी ऐसा एक्शन जारी रहेगा, लेकिन इस बीच यह भी डर है कि कहीं नक्सली भी कोई कदम न उठा पाएं. इसलिए प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर के राजनीतिक नेताओं को आगाह भी किया है.इतना ही नहीं विजय शर्मा ने कहा है कि 24 की जगह 48 घंटे काम करेंगे और नकलवाद यानी प्रदेश के काले साए को खत्म करके ही दम लेंगे. छत्तीसगढ़ में पिछले 131 दिनों में सर्च अभियान चलाकर सुरक्षो बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है. अब तक 103 नक्सलियों का एनकाउंटर किया जा चुका है. इस तरह का नक्सल विरोधी अभियान जारी रहने के संकेत भी दिए जा रहे हैं. जिस तरह से प्रदेश का सुरक्षा बल एक्शन मोड में है इससे क्या यह समझा जा सकता है कि प्रदेश में लाल आतंक अब अंतिम सांसे ले रहा है.