कश्मीर में गरजे शाह, वे हमें पाकिस्तान से बात करने के लिए कहते हैं, मैं कहता हूं...

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की ओर से केंद्र सरकार को पाकिस्तान से बात करने की मांग पर लताड़ लगाई.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की ओर से केंद्र सरकार को पाकिस्तान से बात करने की मांग पर लताड़ लगाई.

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Iftekhar Ahmed
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Amit Shah

वे हमें पाकिस्तान से बात करने के लिए कहते हैं, मैं कहता हूं...( Photo Credit : File Photo)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की ओर से केंद्र सरकार को पाकिस्तान से बात करने की मांग पर लताड़ लगाई. शाह ने कहा कि हम पड़ोसी देश पाकिस्तान के बजाय जम्मू-कश्मीर के युवाओं से बात करना पसंद करेंगे. इस दौरान उन्होंने 'गुप्कार गठबंधन' पर देश में पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए 'लाल कालीन बिछाने' का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि यहां कुछ लोग पाकिस्तान की बात करते हैं. मैं आज उनसे कहना चाहता हूं कि पीओके के उन गांवों के आंकड़े लेकर आएं, जहां बिजली नहीं है. हमारे कश्मीर के हर गांव में बिजली पहुंच गई है.  केंद्र शासित प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने ये बातें कही. 

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शाह ने स्थानीय नेताओं पर हमला करते हुए कहा कि मुफ्ती एंड कंपनी और अब्दुल्ला और उनके बेटों ने 70 साल तक कश्मीर पर शासन किया, लेकिन 1 लाख घर भी नहीं दिए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से 2022 तक जम्मू-कश्मीर में 1 लाख लोगों को घर दिए हैं. यहां वर्षों से मुझे पाकिस्तान से बात करने का सुझाव दिया जा रहा है. मेरा स्पष्ट दृष्टिकोण है कि मैं पाकिस्तान से बात नहीं करना चाहता, मैं बारामूला में गुर्जरों, पहाड़ी और बकरवालों से बात करना चाहता हूं. मैं कश्मीर के युवाओं से बात करना चाहता हूं. खुली आंखों और दिमाग से सोचें, जो आतंकवाद फैलाते हैं, उन्होंने कश्मीर का क्या अच्छा किया है? 

शाह ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर को अन्य राज्यों के साथ दौड़ में शामिल होना है, जो देश में आगे बढ़ा रहे हैं. न की आतंकियों के दिखाए रास्ते पर चलना है. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप हमें अपना समर्थन दें., जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉडल ने उन्हें शिक्षा दी है. पीएजीडी फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती द्वारा गठित जम्मू-कश्मीर में छह क्षेत्रीय दलों के बीच एक राजनीतिक गठबंधन है. गठबंधन जम्मू और कश्मीर को अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा बहाल करना चाहता है.

"दो मॉडल हैं. एक पीएम मोदी है, जो रोजगार, शांति और भाईचारा देता है और दूसरा गुप्कार मॉडल है, जिसके कारण पुलवामा हमला हुआ. पीएम मोदी ने 2,000 करोड़ रुपए की लागत से पुलवामा में एक अस्पताल बनाया. लेकिन, गुप्कार मॉडल देश में पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए रेड कारपेट बिछा रहा है, जबकि मोदी मॉडल 56,000 करोड़ रुपए का निवेश से युवाओं को रोजगार दे रहा है. गुप्कार मॉडल ने युवाओं के हाथों में पत्थर, बंद कॉलेज और मशीनगन रखे मोदी मॉडल में युवाओं के लिए आईआईएम, आईआईटी, एम्स, निफ्ट और एनईईटी है. युवा शिक्षा चाहते हैं, हाथ में पत्थर नहीं. शाह ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में निवेश के रूप में लाई गई राशि के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि मैं आज फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से पूछने आया हूं कि आपने तीन परिवारों के 70 साल के शासन के दौरान जम्मू-कश्मीर में कितना निवेश किया. कितने उद्योग स्थापित किए गए? कितने युवाओं को रोजगार दिया गया? कितने का निवेश हुआ. यहां 70 साल में महज 15,000 करोड़ रुपए का काम हुआ.

पीएम मोदी ने इन तीन वर्षों में जम्मू-कश्मीर में 56,000 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू की है. इस दौरान उन्होंने आतंकवादियों द्वारा क्षेत्र के निवासियों की हत्याओं के लिए जम्मू-कश्मीर के "तीन परिवारों" के जिम्मेदार होने का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि आतंकवाद ने दुनिया में किसी का भला किया है? क्या आतंकवाद से हमदर्दी रखने वाले ऐसी किसी घटना के बारे में बता सकते हैं? 1990 से लेकर आज तक जम्मू-कश्मीर के 42,000 लोग आतंकवाद के शिकार हो चुके हैं.इसके बाद शाह सवालिया लहजे में पूछा कि उनकी मौत का जिम्मेदार कौन है? 

इसके बाद शाह ने खुद जवाब देते हुए कहा कि इन हत्याओं के लिए यहां शासन करने वाले तीन परिवार जिम्मेदार थे. शाह ने दावा किया कि आतंकवाद विलुप्त होने की ओर बढ़ रहा है. जम्मू-कश्मीर में निवेश लाने के लिए पीएम मोदी की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि जो क्षेत्र 'आतंकवादी हॉटस्पॉट' के रूप में जाना जाता था. वह अब 'पर्यटन हॉटस्पॉट' बन गया है. शाह ने एक बार फिर से अब्दुल्लाह और मुफ्ती परिवार पर हमला करते हुए कहा कि आपने युवाओं के हाथों में पत्थर और बंदूकें दीं, जबकि पीएम मोदी ने यहां उद्योग लाकर उनके हाथों में लैपटॉप और मोबाइल दिए. 

Source : News Nation Bureau

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