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लोकसभा चुनाव

झारखंड: 8 जुलाई को हेमंत सोरेन का फ्लोर टेस्ट, अब जानें कब है कैबिनेट विस्तार

हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की राजनीति में नया मोड़ आया है. बहुमत साबित करने और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद, उन्हें राज्य के विकास और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए कठिन मेहनत करनी होगी.

Updated on: 07 Jul 2024, 06:06 PM

highlights

  • शपथ के बाद हेमंत सोरेन की पहली परीक्षा
  • झारखंड में 8 जुलाई को होगा फ्लोर टेस्ट
  • मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख में बदलाव

New Delhi:

Jharkhand Cabinet Expansion: झारखंड में हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राज्य में 8 जुलाई को शाम में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. इसी दिन सीएम हेमंत सोरेन को बहुमत भी साबित करना है. बहुमत साबित करने के बाद शाम को कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कोटे से मंत्री बनाए जाएंगे.

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मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख में बदलाव

पहले मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख 9 जुलाई बताई गई थी, लेकिन अब इसे बहुमत साबित करने के दिन ही करने का फैसला लिया गया है. झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं, इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार को जल्द से जल्द निपटाना जरूरी माना जा रहा है. इससे सत्ताधारी गठबंधन को चुनावी तैयारियों में मजबूती मिलेगी.

हेमंत सोरेन बने झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में 4 जुलाई को राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने चंपई सोरेन का स्थान लिया, जिन्होंने लगभग पांच महीने के छोटे से कार्यकाल के बाद 3 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था. हेमंत सोरेन ने राजभवन में झारखंड के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन से पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. इस मौके पर उनके पिता और जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन, उनकी मां रूपी सोरेन, पत्नी कल्पना सोरेन और कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत के बाद शपथ ग्रहण

हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिलने के बाद 28 जून को जेल से रिहा कर दिया गया था. उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से कुछ वक्त पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. यह उनकी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की जिम्मेदारी है.

चुनौतियों का सामना

हेमंत सोरेन के सामने कई चुनौतियां हैं. सबसे पहले, उन्हें बहुमत साबित करना है. इसके बाद, उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार करना है ताकि राज्य में स्थिरता और सुशासन बना रहे. झारखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में उन्हें गठबंधन के सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाना और जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करना आवश्यक होगा.

गठबंधन की रणनीति

हेमंत सोरेन की सरकार में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी के नेता शामिल होंगे. यह गठबंधन राज्य में विकास और स्थिरता की दिशा में काम करने की योजना बना रहा है. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद, सरकार को राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है.