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CM हेमंत सोरेन ने मंत्रियों के बीच किया विभागों का बंटवारा, अब इन मुद्दों पर हो रही चर्चा

झारखंड की नई सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.

Updated on: 09 Jul 2024, 09:53 AM

highlights

  • CM हेमंत सोरेन ने मंत्रियों के बीच किया विभागों का बंटवारा
  • विस्थापन आयोग के गठन का प्रस्ताव
  • अब इन मुद्दों पर हो रही चर्चा

 

New Delhi:

Jharkhand Hemant Soren Cabinet Portfolio Allocation: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. इस कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक भी आयोजित की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें विस्थापन आयोग का गठन भी शामिल है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि झारखंड में माइनिंग गतिविधियों का प्रमुख स्थान है, जहां देश के 40 प्रतिशत से अधिक खनिज-संपदा पाई जाती है, लेकिन इन माइनिंग गतिविधियों से प्रभावित लोगों के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट में बहुत जल्द विस्थापन आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा गया है और इस पर जल्द ही एक मसौदा तैयार किया जाएगा.

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आर्थिक-सामाजिक सर्वेक्षण और डाटाबेस की तैयारी

मुख्यमंत्री सोरेन ने बताया कि सभी विस्थापित लोगों का आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण किया जाएगा और एक डाटाबेस तैयार किया जाएगा. यह डाटाबेस माइनिंग क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को समझने में मदद करेगा. इसके साथ ही, एक दस्तावेज तैयार किया जाएगा जिसमें माइनिंग गतिविधियों, उसके लाभ और हानि का विवरण होगा. यह दस्तावेज माइनिंग के प्रभाव का विश्लेषण करने में सहायक होगा.

खेत-घर छोड़ने वालों के लिए नीति

हेमंत सोरेन ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जो अपनी जमीन और घर छोड़ने के लिए मजबूर होते हैं, उनके लिए सरकार एक विशेष नीति बनाएगी. इस नीति का उद्देश्य उन लोगों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी वादे किए गए हैं, उन्हें धरातल पर उतारना उनकी जिम्मेदारी है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा.

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य की जनता ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाना उनका कर्तव्य है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार विस्थापन और माइनिंग के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही इन पर ठोस कदम उठाए जाएंगे.

इस तरह, झारखंड की नई सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं. विस्थापन आयोग का गठन और माइनिंग से प्रभावित लोगों के लिए नीति निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस दिशा में की गई पहल झारखंड के भविष्य को नए आयाम देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है.