logo-image
लोकसभा चुनाव

उत्तराखंड की दो सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, BJP या कांग्रेस, किसकी होगी जीत?

Uttarakhand By Election Date: उत्तराखंड की बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है. निर्वाचन आयोग ने 10 जुलाई को मतदान और 13 जुलाई को नतीजे घोषित करने का ऐलान किया है. इन दोनों सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है.

Updated on: 11 Jun 2024, 03:04 PM

highlights

  • उत्तराखंड की दो विधानसभा सीटों पर होगा उपचुनाव
  • भाजपा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में कांग्रेस
  • मैंगलोर और बद्रीनाथ सीट है शामिल 

 

 

 

New Delhi:

Uttarakhand Assembly By Election 2024: उत्तराखंड की बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है. निर्वाचन आयोग ने 10 जुलाई को मतदान और 13 जुलाई को नतीजे घोषित करने का ऐलान किया है. इन दोनों सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. बता दें कि मंगलौर विधानसभा सीट बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद खाली हुई थी. वहीं, बद्रीनाथ विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के बीजेपी में शामिल होने के बाद खाली हुई थी.

यह भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट की आज हो सकती है पहली बैठक, Modi 3.0 में 72 मंत्री, 33 नए चेहरे

कांग्रेस की रणनीति

कांग्रेस पार्टी ने इन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए कमर कस ली है. मंगलौर विधानसभा सीट से काजी मोहम्मद निजामुद्दीन का नाम लगभग तय माना जा रहा है. काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, जो 2017 में इस सीट से विजयी रहे थे. 2022 के विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से हार गए थे. उन्हें बसपा के सरवत करीम अंसारी ने 598 वोटों से हराया था.

बद्रीनाथ सीट की तैयारी

वहीं आपको बता दें कि बद्रीनाथ सीट के लिए कांग्रेस पार्टी जिताऊ उम्मीदवार की तलाश में है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जा रहा है और जल्द ही प्रत्याशियों का पैनल हाईकमान को भेजा जाएगा.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बयान

इसके साथ ही उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने एक मीडिया से बातचीत में बताया, ''हम अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं और जल्द ही बद्रीनाथ और मंगलौर सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे. हमारे कार्यकर्ता जो फीडबैक देंगे, उसके आधार पर ही प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा.''

कांग्रेस की ये हैं उम्मीदें

कांग्रेस पार्टी के लिए यह उपचुनाव महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह पार्टी की राज्य में स्थिति को मजबूत करने का अवसर है. मंगलौर सीट पर काजी मोहम्मद निजामुद्दीन के मैदान में उतरने से पार्टी को उम्मीद है कि वह इस बार जीत दर्ज कर पाएंगे. बद्रीनाथ सीट पर कांग्रेस के सामने चुनौती है, क्योंकि यहां से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के बीजेपी में शामिल होने से सीट खाली हुई है.

पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका

इसके अलावा आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं की भूमिका को अहम मान रही है और उनके फीडबैक को आधार बनाकर प्रत्याशियों का चयन कर रही है. पार्टी का मानना है कि कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और उनकी नब्ज पर पकड़ ही पार्टी की जीत की कुंजी होगी.