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पुल टूटने से फंसे कावड़िए, बारिश का कहर, बागमती नदी के जलस्तर ने खतरे के निशान को पर किया

40 कावड़ियों नदी दूसरे छोर पर फंसे हुए हैं. 8 कांवडियों को सकुशल निकाल लिया है.

Updated on: 07 Jul 2024, 05:38 PM

नई दिल्ली:

गौमुख पैदल मार्ग पर चीड़वासा के पास पुल टूटने से फंसे कावड़िए, एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 08 को निकाला सुरक्षित, बाकी के रेस्क्यू के लिए अभियान जारी. कल रात्रि दिनांक 04 जुलाई 2024 को जनपद उत्तरकाशी के पुलिस चौकी गंगोत्री द्वारा एसडीआरएफ टीम को सूचित किया गया कि चीड़वासा पुल टूट गया है, जिसमें लगभग 40 कावड़ियों नदी के दूसरे छोर पर फंस गए है. इस सूचना पर आज सुबह एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक सावर सिंह के हमराह मय आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई. 

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एसडीआरएफ टीम द्वारा लगभग 08 किमी पैदल दूरी तय कर घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत कार्रवाई करते हुए 8 कांवडियों को सकुशल निकाल लिया है. SDRF रेस्क्यू टीम इंचार्ज सावर सिंह द्वारा सैटेलाइट फ़ोन के माध्यम से बताया गया कि बाकी कांवड़ियों के रेस्क्यू के लिए SDRF टीम लगातार काम कर रही है, जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा.

नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से अब शिवहर जिला पर बाढ़ का खतरा मडराने लगा है. शिवहर में बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. बागमती नदी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. बागमती नदी के डुब्बा धार का खतरे का निशान 61.28m है. वहीं वर्तमान में जलस्तर 61.80m पर बह रही है. लगातार जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए डीएम पंकज कुमार ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया है. इस दौरान मोहारी घाट पर तटबंध में हो रहे कटाव का डीएम पंकज कुमार ने निरीक्षण किया है. और कटाव को तुरंत रोकने के लिए डीएम ने निर्देश दिया है. वहीं सुरागाही और बेलवा घाट पर भी पहुंचकर डीएम ने जलस्तर के स्थिति का जायजा लिया है. और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को 24 घंटा अलर्ट मोर्ड में रहने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया है की देर रात जलस्तर तक अभी और जलस्तर वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है. जिसको लेकर सभी विभाग को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया है. जिले में बाढ़ से निपटने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से कमर कस ली है.