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उत्तराखंड में कहर बरपा रही है बारिश, आज इन 7 जिलों में जमकर बरसेंगे बादल

उत्तराखंड में मानसून के साथ ही बारिश का 34 साल पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है. जुलाई के पहले हफ्ते में ही सामान्य से तीन गुना ज्यादा बारिश हो चुकी है. कुमाऊं के कुछ इलाकों में 24 घंटे के अंदर 200 से 400 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है.

Updated on: 09 Jul 2024, 11:23 AM

highlights

  • उत्तराखंड में कहर बरपा रही है बारिश
  • आज इन 7 जिलों में जमकर बरसेंगे बादल
  • चारधाम यात्रा पर पड़ रहा असर

 

New Delhi:

Uttarakhand Weather Update Today: उत्तराखंड में मौसम का कहर जारी है. राज्य के अधिकांश जिलों में तेज बारिश के कई दौर होने की संभावना व्यक्त की गई है. मंगलवार को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चमोली और उधम सिंह नगर में कहीं-कहीं तेज गर्जन के साथ भारी बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र ने इन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से संवेदनशील इलाकों में ना जाने की अपील की है. मूसलाधार बारिश के चलते उत्तराखंड में लगभग 300 सड़कों का बंद होना सामान्य हो गया है. नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और बरसाती नाले उफान पर हैं. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बारिश की वजह से चार धाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है. यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी कमी आई है और यात्रियों से बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा पर आने की अपील की जा रही है.

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भूस्खलन और बाधित हाईवे

लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से बदरीनाथ हाईवे समेत कई प्रमुख मार्ग बाधित हो गए हैं. बदरीनाथ हाईवे रविवार सुबह बाधित हुआ था, जिसे 34 घंटे बाद सोमवार शाम को खोला जा सका. इसी तरह, चमोली के थराली में प्रानमती नदी पर बना अस्थाई पुल बह जाने से पांच गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है. टिहरी में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर हो रहे भूधंसाव से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके चलते इन मार्गों पर अगले 15 दिनों तक यातायात सुचारु होने की संभावना नहीं है.

देहरादून में जल भराव की समस्या

देहरादून में भारी बारिश के चलते सड़कों पर जल भराव की समस्या गंभीर हो गई है. सोमवार को कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर लगभग 2 फीट पानी भर गया. जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. रिस्पना पुल के पास मुख्य सड़क पर जल भराव होने से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई. अजबपुर फ्लाईओवर पर बने अंडरपास में भी पानी भर गया, जिससे कई वाहन फंस गए. इस जल भराव में फंसे परिवार को बचाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई.

खटीमा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा

रुद्रपुर में कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत और डीआईजी योगेंद्र सिंह रावत ने ट्रैक्टर पर बैठकर खटीमा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया. दीपक रावत ने आश्वासन दिया कि किसी को भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी को राहत पहुंचाई जाएगी. सोमवार को एसडीआरएफ, पुलिस, सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने खटीमा में बाढ़ में फंसे लगभग 500 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.

जनजीवन पर असर

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और सड़कों पर जल भराव के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन मौसम की मार के चलते स्थिति विकट बनी हुई है.

आपको बता दें कि उत्तराखंड में मौसमी परिस्थितियों ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है. प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी कोशिश कर रही हैं कि लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के चलते चुनौतियां बनी हुई हैं.